चलो तुमको बताऊं मैं (मुक्तक संग्रह)

 कहां है सुख छुपा जग में, चलो तुमको बताऊं मैं।

कहां आनंद जन्नत सा चलो तुमको बताऊं मैं।

दुवाएं दीन दुखियों की, मिले सुख ध्यान सेवा से।

पिता मां अंक में जन्नत चलो तुमको बताऊं मैं।


सफलता अरु सुखों की राह मिलती है उसे जग में।

मिले सम्मान अपनों से सभी चाहें उसे जग में।

चले जो सत्य नेकी पर करे सम्मान वृद्धों का।

समझ कण–कण चले अपना मिलें सब सुख उसे जग में।


खिलें सब फूल खुशियों के सदा घर द्वार नंदन हैं।

उठे जग महक ये प्यारा लगें ज्यों बाग चंदन हैं।

‘सुमा’ सम्मान माथे का जगत के रंग सब इनसे।

दिवस ये विश्व बेटी के मान हित आज वंदन है।

Comments