मतदान श्लोगन
करो नहीं कोई नादानी।
मत देकर सरकार बनानी।।
रहे न कोई बात बताएं।
मत का दान करें सब जाएं।।
अपने मत की वैल्यू जानो।
सब अधिकारों को पहचानों।।
मत का दान करो नहीं डरना।
रहे न कोई मत सब करना।।
दिव्य अंग जन बूढ़ी दादी।
हेल्प करेगी सबकी खादी।।
यदि डरे कोई सकुचाए।
बी एल ओ को शीघ्र बताए।
नाम जुड़े तब देना वोट।
लेना नहीं किसी से नोट।।
बी एल ओ से नाम जुड़ाओ।
मत देने का हक तुम पाओ।।
मत देने को जाना है।
नीला बटन दबाना है।।
ई वी एम और वी वी पेट।
वोट कीजिए इस पर सेट।।
वीवी पेट ऐसी लगे मशीन।
जो दिखलाए वोट का सीन।।
सबके सबको आना है।
मतदान बूथ पर जाना है।।
लेना नहीं किसी से नोट।
देना अपने मन से वोट।।
बूढ़े साथी और जवान।
करिएगा सब मत का दान।।
चाची ताई मौसी दादी।
मत की करो नहीं बर्बादी।।
एक वोट की कीमत जानो।
अपने हक को सब पहचानों।।
रह न जाए वोट किसी का।
बड़ा बहुत है अर्थ इसी का।।
दादा दादी तुम सब आओ।
मत देकर सरकार बनाओ।।
डरो नहीं करिए मतदान।
लोकतंत्र की ये पहचान।।
आओ हम सब मिलकर गाएं।
देना वोट सभी बतलाएँ।।
अपनी सरकार बनाना है।
हक है, नहीं बहाना है।
सबके ये अरमान हों।
शत प्रतिशत मतदान हो।।
आन बान अरु शान से।
नेता जी मतदान से।।
लोकतंत्र ये गाता है।
बड़ा बहुत मतदाता है।।
सत्य और ईमान हो।
सबके मत का दान हो।।
भाई भतीजा न हो नाता।
जगे सभी अब तो मत दाता।।
कहें सभी डंके की चोट।
बटन दबाकर देंगे वोट।।
सबको ये सब बात बताएं।
सबसे ही मत दान कराएँ।।
भारत का मत दाता ये।
देश का भाग्य विधाता ये।।
कहता निर्वाचन आयोग।
मत देकर करिए सहयोग।।
एक, दो, तीन, चार।
मत दाता दृढ़ करो विचार।।
रह न जाए वोट किसी का।
बड़ा बहुत है अर्थ इसी का।।
दादा दादी तुम सब आओ।
मत देकर सरकार बनाओ।।
डरो नहीं करिए मतदान।
लोकतंत्र की ये पहचान।।
करो नहीं कोई नादानी।
मत देकर सरकार बनानी।।
रहे न कोई बात बताएं।
मत का दान करें सब जाएं।।
अपने मत की वैल्यू जानो।
सब अधिकारों को पहचानों।।
मत का दान करो नहीं डरना।
रहे न कोई मत सब करना।।
दिव्य अंग जन बूढ़ी दादी।
हेल्प करेगी सबकी खादी।।
यदि डरे कोई सकुचाए।
बी एल ओ को शीघ्र बताए।
नाम जुड़े तब देना वोट।
लेना नहीं किसी से नोट।।
बी एल ओ से नाम जुड़ाओ।
मत देने का हक तुम पाओ।।
मत देने को जाना है।
नीला बटन दबाना है।।
ई वी एम और वी वी पेट।
वोट कीजिए इस पर सेट।।
देखो ऐसी लगे मशीन।
जो दिखलाए वोट का सीन।।
जो बांटेगा दारू नोट।
देंगे नहीं उसे हम वोट।।
18 के जब हो जाओ।
वोटर लिस्ट में नाम जुड़ाओ।।
उम्र अट्ठारह की जब प्यारी।
मत देने की कर तैयारी।।
लोकतंत्र की यही पुकार।
जानों अपने मत अधिकार।।
जाति धर्म न टका लुभाए।
ध्यान रहे मत नष्ट न जाए।।
मत देना सबका अधिकार।
रहे न खाली मत बेकार।।
©~कवि कैलाश ‘सुमा’
मेहंदीपुर बालाजी, दौसा, राजस्थान।
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